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इश्क़ की किताब का वो पन्ना… जो हमेशा आँखों को नम और दिल को बेचैन कर देता है”

On: August 18, 2025 4:19 AM
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Shayari in hindi
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Shayari in hindi
Shayari in hindi :इश्क़ की किताब का वो पन्ना जो दिल को तन्हाई, आँखों को नमी और रूह को बेचैनी से भर देता है

इश्क़ की किताब का वो पन्ना हूँ मैं,
जिसे पढ़कर हर दिल उदास होता है।

ज़िक्र तेरा आए तो आँखें भीग जाती हैं,
दिल की बेचैनी फिर और बढ़ जाती है।

तेरे जाने के बाद भी तेरी यादों ने,
मेरे कमरे को तन्हाई से भर दिया।

कभी मिलते थे मुस्कुराकर इस मोड़ पर,
अब वही मोड़ आँसुओं का घर बन गया।

तू रूठा तो भी तेरा ही रहा दिल मेरा,
तेरे बिना जीने का हुनर आता कहाँ।

तेरी यादें ऐसे दिल पर छा जाती हैं,
जैसे वीराने में बारिश आ जाती है।

हर पन्ने पर तेरा ही नाम लिखा है,
फिर भी किताब अधूरी लगती है।

इश्क़ की तन्हा रातों का आलम कुछ ऐसा,
चाँद भी देखे तो उदास हो जाए।

तेरे जाने का ग़म छुपा नहीं पाया मैं,
ये दिल हर धड़कन में तुझे ही आवाज़ देता रहा।

कभी सोचता हूँ भूल जाऊँ तुझे,
पर तेरी यादें इजाज़त ही नहीं देतीं।

ख़ामोशियों का आलम अब इतना गहरा है,
तेरी हँसी की गूंज भी सुनाई नहीं देती।

इश्क़ की सज़ा हम भी खूब भुगते हैं,
मगर तेरा नाम लबों से कभी मिटा नहीं।

“दिल के उन अनकहे जज़्बातों की दास्तां, जो शब्दों से कहीं ज्यादा गहरी और रूह को छू लेने वाली होती हैं।”

तेरे बिना ज़िन्दगी अधूरी लगती है,
जैसे किताब बिना आख़िरी सफ्हे के।

तन्हाई भी अब तेरे बिना रुलाती है,
इश्क़ की यादें दिल को सताती हैं।

हर ख़्वाब में तेरा ही चेहरा आता है,
मगर आँख खुलते ही साया भी नहीं मिलता।

तेरे बिना हर शाम अधूरी लगती है,
जैसे चाँद रात में पूरा ना हो।

तेरी तन्हाई का मुकाम कुछ ऐसा है,
जहाँ दिल भी जिए और जान भी डूबे।

यादों के शहर में तेरा ही बसेरा है,
हर गली तेरे नाम से जानी जाती है।

तेरी हँसी अब भी कानों में गूँजती है,
पर तेरा चेहरा कहीं नज़र नहीं आता।

इश्क़ वो तीर है जो दिल को चीरता है,
घाव भी अपना और इलाज भी वही।

तेरे हर वादे को दिल से निभाया मैंने,
बस तू निभा न पाया तो कहानी अधूरी रह गई।

कभी सोचा न था जुदाई ऐसे मिलेगी,
ज़िन्दगी तन्हाई के हवाले हो जाएगी।

तेरी चाहत थी या मेरा जुनून कह लो,
तेरे बिना जीना मुझे आता ही नहीं।

तेरी आँखों की वो नमी आज भी कहती है,
कि तुझको भी मुझसे मोहब्बत थी।

तेरे बिना कोई उम्मीद नज़र नहीं आती,
हर राह अधूरी, हर मंज़िल धुंधली लगती है।

दिल की धड़कन अब खामोश सी रहती है,
जिसमें तेरी आवाज़ गुम हो चुकी है।

तेरे जाने के ग़म ने सिखाया मुझे,
कि मोहब्बत जुदाई से ही पूरी होती है।

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